Music is a moral law. It gives soul to the universe, wings to the mind, flight to the imagination, and charm and gaity to life and to everything. Plato
Event Information from ITC SRA Distinguished audience Pt. Ulhas Kashalkar, Pt. Arun Bhaduri. Young Sarod player Abir Hossain, a disciple of Pt. Buddhadev Dasgupta is seen in the photo. Superb accompaniment by Sri Gopal Mishra Raag Marwa After the concert at Green Room My Granddad, Grandma and Paternal Aunts after the concert at ITC SRA.
संगीत घराने और उनकी विशेषताएं (Received on WA message from Nirav Mehta) हिंदुस्तानी संगीत के प्रमुख घराने : 1. ग्वालियर घराना 2. आगरा घराना 3. किराना घराना 4. बनारस घराना 5. जयपुर-अतरौली घराना 6. रामपुर-सहस्वान घराना 7. पटियाला घराना 8. दिल्ली घराना 9. भिंडी बाज़ार घराना 10. मेवाती घराना ___________ ग्वालियर घराना : ग्वालियर घराना हिंदुस्तानी संगीत का सबसे प्राचीन घराना है। हस्सू खाँ, हद्दू खाँ के दादा उस्ताद नत्थन पीरबख्श को इस घराने का जन्मदाता कहा जाता है। दिल्ली के राजा ने इनको अपने पास बुला लिया था। इनके दो पुत्र थे-कादिर बख्श और पीर बख्श। इनमें कादिर बख्श को ग्वालियर के महाराज दौलत राव जी ने अपने राज्य में नौकर रख लिया था। कादिर बख्श के तीन पुत्र थे जिनके नाम इस प्रकार हैं- हद्दू खाँ, हस्सू खाँ और नत्थू खाँ। ये तीनों भाई मशहूर ख्याल गाने वाले और ग्वालियर राज्य के दरबारी उस्ताद थे। इसी परम्परा के शिष्य बालकृष्ण बुआ इचलकरजीकर थे। इनके शिष्य पं. विष्णु दिगम्बर पलुस्कर थे। पलुस्कर जी के प्रसिद्ध शिष्य ओंकारनाथ ठाकुर, विनायक राव...